किच्छा। उधम सिंह नगर के ग्राम अंजनिया में एक नाबालिक बालिका की शादी होने से पहले ही रोक दी गयी. आई एस डी संस्था की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह संभव हो सका. संस्था के अध्यक्ष डॉ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत संस्था गांव-गांव और शहर-शहर जागरूकता अभियान चला रही है. यह अभियान जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. इसी क्रम में ग्राम अंजनिया में बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई. संस्था की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी के नेतृत्व में चाइल्ड लाइन और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और विवाह समारोह रुकवा दिया. परिजनों से बालिका की उम्र संबंधी जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी. बाद में जूनियर हाई स्कूल से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बालिका की उम्र 15 वर्ष 11 माह पाई गई, जिसके बाद विवाह रोक दिया गया. बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार बालिका को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया है. दूल्हा और दुल्हन दोनों पक्षों के परिजनों को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. इस दौरान संस्था की ओर से बैंड, कैटरर और दोपहरिया के प्रधान अमन कश्यप सहित सभी आयोजनकर्ताओं से अपील की गई कि वे विवाह से पहले दूल्हा-दुल्हन की आयु की पुष्टि अवश्य करें और केवल बालिग होने पर ही विवाह कार्यक्रम संपन्न कराएं.


