देबरा (पश्चिम मेदिनीपुर)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देबरा में आयोजित भाजपा की चुनावी रैली में ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में बदलाव का समय आ गया है और 23 अप्रैल को कमल के निशान पर बटन दबाकर जनता को ‘कटमनी’ और ‘सिंडिकेट राज’ से मुक्ति दिलानी है।
शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने 15 वर्षों तक ‘मां, माटी और मानुष’ के नाम पर शासन किया, लेकिन इस दौरान युवाओं को बेरोजगारी, महिलाओं पर अत्याचार और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सिंडिकेट का बोलबाला है और आम लोगों को हर काम के लिए परेशान किया जाता है।
रैली में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इससे न सिर्फ रोजगार प्रभावित हो रहा है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। शाह ने चेतावनी दी कि भाजपा सरकार बनने पर एक-एक घुसपैठिये को बाहर किया जाएगा।
उन्होंने युवाओं के लिए हर महीने 3000 रुपये भत्ता देने का वादा किया। साथ ही महिलाओं को भी 3000 रुपये प्रतिमाह और किसानों को सालाना 9000 रुपये देने की घोषणा की। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

घाताल बाढ़ समस्या का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 1500 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने उसे लागू नहीं किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर इस योजना को एक साल के भीतर लागू किया जाएगा।
शाह ने अंत में लोगों से अपील की कि वे भारी संख्या में मतदान कर भाजपा को सत्ता में लाएं, ताकि बंगाल को विकास और सुशासन की राह पर आगे बढ़ाया जा सके।



