कोलकाता। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक दांव खेला है। उन्होंने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य सरकार मुंडा, कोरा, डोम, कुंभकार और सदगोप समुदायों के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक और विकास बोर्ड बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बोर्डों के गठन से इन कमजोर और पिछड़े समुदायों की परंपराओं और अधिकारों की सुरक्षा होगी, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में उनके विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर पोस्ट कर कहा कि सरकार मुंडा (एसटी), कोरा (एसटी), डोम (एससी), कुंभकार (ओबीसी) और सदगोप (ओबीसी) समुदायों के लिए जल्द ही पांच नए सांस्कृतिक और विकास बोर्ड बनाएगी। उन्होंने कहा कि ये समुदाय राज्य की जीवंत और समृद्ध संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने बताया कि इन बोर्डों के माध्यम से इन समुदायों की भाषा, परंपरा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े अधिकारों की रक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2013 से राज्य सरकार ने कई ऐसे बोर्ड गठित किए हैं, जिनसे कमजोर वर्गों के समग्र विकास को बढ़ावा मिला है।
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी समुदाय विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए। उनका लक्ष्य समान और समावेशी विकास के माध्यम से हर वर्ग के चेहरे पर मुस्कान लाना है।
गौरतलब है कि West Bengal विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं और चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है। ऐसे में एक ओर सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर Bharatiya Janata Party भी चुनाव को लेकर जोरदार तैयारी में जुटी है।



