रुद्रपुर। रुद्रपुर के दरऊ ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद विभागीय जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जेल में बंद ग्राम प्रधान नाजिया बी के डिजिटल हस्ताक्षर से 10.39 लाख रुपये के भुगतान की पुष्टि होने पर ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी विद्या सिंह सेमनाल ने प्रधान पति से मिलीभगत पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए सचिव केके मलकानी को निलंबित किया है। साथ ही अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।
विधायक के आरोप के बाद खुली परतें
बीते बृहस्पतिवार को किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान नाजिया बी 13 दिसंबर से पौड़ी जेल में बंद हैं। इसके बावजूद उनके डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग कर भुगतान किया गया।
आरोप है कि प्रधान के जेल जाने के बाद उनके पति अब्दुल गफ्फार ने डिजिटल सिग्नेचर ब्लॉक कार्यालय में जमा नहीं कराए और 30 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 के बीच 14 बिलों के माध्यम से 10.39 लाख रुपये निकाल लिए।
प्रतिनिधि बनाने का पत्र भी जारी
मामले को और संदिग्ध बनाते हुए दो फरवरी को नाजिया बी की ओर से जारी एक पत्र में पैर फ्रैक्चर होने का हवाला देकर ब्लॉक कार्यालय में उपस्थित न हो पाने की बात कही गई और पति को प्रतिनिधि नियुक्त करने की जानकारी दी गई।
अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि इस दौरान ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी वित्तीय लेन-देन पर ध्यान नहीं दे सके। विधायक की शिकायत के बाद जांच के निर्देश दिए गए, जिसमें पुष्टि हुई कि प्रधान के जेल में रहने के दौरान भुगतान किया जाना नियमों के विरुद्ध है।
डीपीआरओ का बयान
डीपीआरओ विद्या सिंह सेमनाल ने बताया कि जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।
वहीं प्रधान पति अब्दुल गफ्फार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।


