संजय बांगर के परिवार के लिए एक नया अध्याय
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर इन दिनों अपने बेटे आर्यन के जेंडर ट्रांजिशन के कारण सुर्खियों में हैं। आर्यन ने हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (HRT) की प्रक्रिया शुरू की है और इस प्रक्रिया के बाद अपना नाम अनाया बांगर रखा है। इस महत्वपूर्ण बदलाव ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है, हालांकि संजय की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
संजय बांगर का क्रिकेट करियर

संजय बांगर का जन्म 11 अक्टूबर 1972 को महाराष्ट्र के बीड जिले में हुआ था। उन्होंने 2001 में भारतीय टेस्ट टीम के लिए पदार्पण किया और वनडे में भी एक साल बाद जगह बनाई। अपने करियर में उन्होंने 12 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 470 रन बनाए, और 15 वनडे मैचों में 180 रन बनाए। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय खेल करियर उतना चमकदार नहीं रहा, लेकिन उन्होंने कोचिंग में विशेष पहचान बनाई।
कोचिंग में सफलता और संपत्ति

संजय बांगर ने 2014 में कोचिंग की दुनिया में कदम रखा और टीम इंडिया के बैटिंग कोच के रूप में 2019 विश्व कप तक अपनी सेवाएं दीं। इसके साथ ही, उन्होंने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और पंजाब किंग्स जैसी टीमों के साथ भी काम किया। उनकी नेटवर्थ लगभग ₹10 करोड़ बताई जाती है, जो मुख्यतः कोचिंग से अर्जित की गई है। खिलाड़ी के रूप में उनकी पहचान सीमित रही, लेकिन कोच के रूप में उन्होंने एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
पारिवारिक परिवर्तन
संजय बांगर के परिवार में हालिया बदलाव ने क्रिकेट जगत में चर्चा को जन्म दिया है और यह जेंडर पहचान और स्वीकृति के विकसित होते दृष्टिकोण को उजागर करता है। जैसे-जैसे समाज आगे बढ़ता है, ऐसे परिवर्तन दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं और एक अधिक समावेशी वातावरण को बढ़ावा दे सकते हैं।