अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। OpenAI द्वारा अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ साझेदारी की खबर सामने आते ही यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने चैटजीपीटी एप को अपने मोबाइल से हटाना शुरू कर दिया।
मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Sensor Tower के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार 28 फरवरी को अमेरिका में चैटजीपीटी एप के अनइंस्टॉल में 295 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सामान्य दिनों में यह दर करीब नौ प्रतिशत के आसपास रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के संभावित सैन्य उपयोग को लेकर यूजर्स में असहजता और नाराजगी है, जिसका सीधा असर कंपनी पर पड़ा है।
Claude को मिला फायदा
जहां एक ओर चैटजीपीटी विवादों में घिरा है, वहीं Anthropic के क्लाउड एप ने इस स्थिति का लाभ उठाया है। कंपनी के प्रमुख Dario Amodei ने रक्षा विभाग के साथ किसी भी प्रकार के समझौते से इनकार करते हुए कहा कि एआई अभी इतना सुरक्षित नहीं है कि उसका उपयोग जासूसी या स्वायत्त हथियारों के लिए किया जाए।
कंपनी के इस नैतिक रुख को यूजर्स ने सराहा। परिणामस्वरूप शनिवार तक क्लाउड एप के डाउनलोड में 88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अमेरिकी एप स्टोर पर यह एप 20 पायदान की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया।
रेटिंग में भी गिरावट
यूजर्स की नाराजगी केवल अनइंस्टॉल तक सीमित नहीं रही। एप स्टोर पर चैटजीपीटी की रेटिंग में भी बड़ी गिरावट देखी गई। शनिवार को एक-स्टार रेटिंग देने वालों की संख्या में 775 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पांच-स्टार रेटिंग देने वालों की संख्या लगभग आधी रह गई।
इसका असर अन्य देशों में भी दिखाई दिया। क्लाउड एप अमेरिका के साथ-साथ कनाडा, जर्मनी, बेल्जियम और नॉर्वे जैसे देशों में भी फ्री एप चार्ट में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया।
एआई बाजार में संकेत
डेटा एनालिटिक्स फर्म Similarweb के अनुसार, जनवरी की तुलना में क्लाउड के साप्ताहिक डाउनलोड अब 20 गुना तक बढ़ चुके हैं। हालांकि जानकार मानते हैं कि यह उछाल केवल विरोध की भावना का परिणाम नहीं है, बल्कि क्लाउड की तकनीकी क्षमताएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।
फिलहाल, एआई बाजार में यह घटनाक्रम स्पष्ट संकेत दे रहा है कि प्राइवेसी और नैतिकता जैसे मुद्दे अब उपभोक्ताओं के फैसलों को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। यह घटनाक्रम OpenAI के लिए निश्चित ही चिंता का विषय बन गया है।


