March 9, 2026 - 5:28 pm

International Women’s Day: बार-बार यूटीआई को न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है ब्लैडर कैंसर का खतरा

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विश्व महिला दिवस पर विशेषज्ञों ने दी चेतावनी, छह महीने में कई बार संक्रमण हो तो जांच जरूरी

नई दिल्ली। विश्व महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की सेहत को लेकर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है। अगर कम समय में बार-बार यूटीआई हो रहा है तो इससे किडनी संबंधी समस्याओं के साथ-साथ ब्लैडर कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कई महिलाएं झिझक और संकोच के कारण इस समस्या के बारे में परिवार या डॉक्टर से खुलकर बात नहीं करतीं और इलाज में देरी कर देती हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।

अध्ययन में सामने आया चौंकाने वाला तथ्य

यूके में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि छह महीने के भीतर कई बार यूटीआई होने से ब्लैडर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। शोध में यह भी सामने आया कि संक्रमण जितनी बार होता है, खतरा उतना ही बढ़ता जाता है।

अध्ययन के अनुसार 67 से 81 वर्ष की उम्र के जिन लोगों को छह महीने के भीतर तीन बार तक यूटीआई हुआ, उनमें ब्लैडर कैंसर होने की आशंका सामान्य लोगों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक पाई गई। वहीं जिन लोगों को पांच या उससे अधिक बार संक्रमण हुआ, उनमें कैंसर का खतरा करीब 13 गुना तक बढ़ा हुआ देखा गया।

54 हजार मरीजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण

यह अध्ययन ‘द लैंसेट प्राइमरी केयर’ में प्रकाशित हुआ है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने लगभग 54 हजार ब्रिटिश मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इनमें से एक तिहाई से अधिक मरीजों को ब्लैडर कैंसर था और निदान से पहले उन्हें कम से कम एक बार यूटीआई हो चुका था।

रिपोर्ट में बताया गया कि संक्रमण की टाइमिंग भी महत्वपूर्ण है। जिन लोगों को एक साल में तीन बार यूटीआई हुआ, उनमें दो साल के भीतर ब्लैडर कैंसर होने की आशंका तीन गुना अधिक पाई गई। वहीं छह महीने के अंदर दो-तीन बार संक्रमण होने पर यह जोखिम करीब पांच गुना तक बढ़ सकता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक यह संबंध महिलाओं में अधिक देखा गया, क्योंकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यूटीआई होने का खतरा ज्यादा रहता है।

यूटीआई के सामान्य लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार यूटीआई एक आम संक्रमण है। दुनियाभर में आधे से ज्यादा महिलाओं को जीवन में कभी न कभी इसका सामना करना पड़ता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं –

  • पेट के निचले हिस्से में दर्द
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द
  • बार-बार पेशाब लगना
  • थकावट और कमजोरी
  • कई मामलों में तेज बुखार

आमतौर पर यह संक्रमण एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक हो जाता है, लेकिन एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ने के कारण इसका खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

कब करवानी चाहिए जांच

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को छह महीने के भीतर कई बार यूटीआई हो रहा है तो उसे ब्लैडर कैंसर की जांच जरूर करवानी चाहिए।

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस की गाइडलाइंस के अनुसार, 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के जिन मरीजों को बार-बार यूटीआई होता है, उन्हें कैंसर विशेषज्ञ के पास भेजा जाना चाहिए।

जोखिम कम करने में मददगार हो सकती है एचआरटी

विशेषज्ञों का कहना है कि हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) महिलाओं में ब्लैडर कैंसर के खतरे को लगभग 23 प्रतिशत तक कम करने में मदद कर सकती है।

यूटीआई से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
  • रोजाना 7-8 गिलास पानी पिएं
  • पेशाब को ज्यादा देर तक न रोकें
  • पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें
  • कॉटन और अच्छी क्वालिटी के अंडरवियर पहनें
  • ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें

विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते यूटीआई का सही इलाज और सावधानी बरतने से गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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