पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब कई देशों तक फैलता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है। खाड़ी क्षेत्र के अहम समुद्री, हवाई और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट गहराता नजर आ रहा है।
ओमान के समुद्री क्षेत्र में तेल टैंकर पर हमला
ओमान के मसंदम तट से करीब पांच नॉटिकल मील दूर एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। ओमान के मैरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर के अनुसार “स्कायलाइट” नामक जहाज पर हमले में चार लोग घायल हुए। जहाज पर मौजूद 20 सदस्यीय चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे।
ओमानी नौसेना और सेना ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
खाड़ी सहयोग परिषद ने की कड़ी निंदा
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के महासचिव जासेम अल-बुदैवी ने दुक्म बंदरगाह और ओमान तट के पास हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और खतरनाक सैन्य बढ़ोतरी बताया।
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अपील की।
दुबई एयरस्पेस और बुनियादी ढांचे पर असर
ईरानी जवाबी हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात में हालात अचानक बदल गए। दुबई और अबू धाबी से आने-जाने वाली एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जबकि रात के हमलों में कुछ ढांचागत नुकसान की भी खबरें सामने आईं। यूएई नेतृत्व ने इन हमलों की आलोचना करते हुए क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई।
हाइफा पोर्ट की सुरक्षा बढ़ी
हाइफा पोर्ट प्रशासन ने बताया कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहा है। हालांकि सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख केंद्र होने के कारण लगातार निगरानी में रखा गया है।
रियाद और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा सैन्य अलर्ट
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के पूर्वी हिस्से में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय लोगों ने आसमान में धुआं उठते देखा, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने की खबरें सामने आईं।
खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है और कई देशों ने सैन्य निगरानी तेज कर दी है।
ईरान पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
यूएई राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ईरान खुद को अलग-थलग कर रहा है। लगातार हमलों के कारण समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द नहीं थमा तो पश्चिम एशिया में बड़े भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


