अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को राहत दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और अगले दो महीनों की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं, लेकिन इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ने दिया गया है। सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती कर कीमतों को नियंत्रित रखा है। उल्लेखनीय है कि 6 अप्रैल 2022 के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं, जबकि मार्च 2024 में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की गई थी।
शर्मा ने कहा कि देश की रिफाइनरियां फिलहाल अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति सुचारु बनी हुई है।
एलपीजी पर भी राहत, छोटे सिलिंडर उपलब्ध
एलपीजी आपूर्ति को लेकर उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत जरूरतमंदों को कनेक्शन दिए जा रहे हैं। साथ ही, जिनके पास कनेक्शन नहीं है, उनके लिए पांच किलो के छोटे सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह योजना पिछले लगभग दस वर्षों से लागू है और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास ये सिलिंडर आसानी से उपलब्ध रहते हैं।
खरीफ सीजन के लिए तैयारी पूरी
वहीं, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने भी आपूर्ति व्यवस्था को लेकर संतोष जताया है। अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए बीज, उर्वरक और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है।
उन्होंने कहा कि:
- कृषि जिंसों की थोक कीमतें नियंत्रण में हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।
- टमाटर, प्याज और आलू जैसी प्रमुख सब्जियों के दाम सामान्य दायरे में हैं।
- खरीफ सीजन के लिए 166.46 लाख क्विंटल बीज की जरूरत के मुकाबले पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
मंत्रालयों के समन्वय से हल हुई समस्याएं
कृषि मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में हाइब्रिड मक्का के बीज सुखाने के लिए एलपीजी की कमी एक चुनौती बनी थी, जिसे पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ समन्वय कर तुरंत दूर कर लिया गया।
द्विवेदी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश “आरामदायक स्थिति” में है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार की रणनीति और मंत्रालयों के तालमेल से न केवल महंगाई का असर सीमित रखा गया है, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी मजबूत आधार तैयार किया गया है।



