रुद्रपुर। अतिक्रमण कर बसे गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर चलाने वाला प्रशासन अब सत्ताधारी खेमे से जुड़े मामले में घिरता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के अरविंद पांडेय के कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। प्रशासन और विधायक के बीच समझौता होगा या टकराव, यह आने वाला समय तय करेगा।
प्रशासन ने 19 जनवरी को तहसीलदार के आदेश पर ग्राम संतोषनगर, वार्ड-तीन, गूलरभोज स्थित भवन पर नोटिस संख्या 2654 चस्पा कर उसे अतिक्रमण की श्रेणी में दर्ज किया था। नोटिस में उल्लेख किया गया कि 26 दिसंबर 2024 के हाईकोर्ट आदेश के अनुपालन में राजकीय भूमि की जांच के दौरान खाता संख्या 64 के खसरा संख्या 12ग, रकबा 0.158 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया। यह भूमि दो रास्तों के बीच स्थित है, जिनमें से एक मार्ग के किनारे सिंचाई नहर गुजरती है।
प्रशासन ने आदेश दिया था कि 15 दिन के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटा लिया जाए, अन्यथा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
दोबारा पैमाइश की मांग
19 फरवरी को विधायक पांडेय ने एसडीएम और तहसीलदार को पत्र भेजकर अपनी उपस्थिति में राजस्व विभाग से भूमि की विधिवत पैमाइश कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि भवन सरकारी भूमि पर पाया जाता है तो प्रशासन नियमानुसार उसे अपने कब्जे में ले सकता है, उन्हें या उनके परिजनों को कोई आपत्ति नहीं होगी।
प्रशासन का सख्त रुख
ऋचा सिंह, एसडीएम गदरपुर ने कहा कि विधायक को 15 दिन में अतिक्रमण हटाने को कहा गया है। यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


