तराई क्षेत्र में होली की रंगत अब पूरी तरह चढ़ने लगी है। नगर के विभिन्न मोहल्लों में महिलाओं की बैठकी होली की धूम मची हुई है और परंपरागत होली गीतों की फुहार से वातावरण उल्लासमय बना हुआ है।
जिला मुख्यालय स्थित एक आवासीय कॉलोनी में आयोजित बैठकी होली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान श्रृंगार रस से सराबोर पारंपरिक होली गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। महिलाओं ने ‘सीता-राम को ब्याह जनकपुर जाना है, हो रही जय-जयकार जनकपुर जाना है’, ‘आज बिरज में होली रे रसिया’, ‘होली नहीं बरजोरी ये रसिया’ और ‘घड़ा उठाई दे, सर पर रख दे, डगर बताई दे पनघट की’ जैसे लोकप्रिय होली गीत गाकर समां बांध दिया। गीतों की धुन पर महिलाएं झूम उठीं और पूरा माहौल भक्तिमय व उत्साहपूर्ण बना रहा।
नगर के गंगापुर, प्रीत विहार सहित अन्य इलाकों में भी बैठकी होली के आयोजन लगातार हो रहे हैं। पर्वतीय समाज के लोगों के घरों में जगह-जगह पारंपरिक बैठकी होली सज रही है। घरों में तरह-तरह के पकवान बनाकर होल्यारों का स्वागत किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का रंग और गहरा हो गया है।


