पौड़ी। आगामी 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए जनपद में पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। यात्रा को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जनपद में कीर्तिनगर पुल से सिरोबगड़ तक करीब 22 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इस दायरे में श्रीनगर, श्रीकोट, कलियासौड़ के साथ ही लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गरुड़ चट्टी से आसन बैराज व भीमगोड़ा बैराज तक का हिस्सा भी शामिल किया गया है।
पुलिस ने पूरे क्षेत्र को एक जोन और पांच सेक्टर में विभाजित किया है, जहां अधिकारियों और जवानों की तैनाती की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए श्रीनगर और श्रीकोट में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी दी जाएगी।
500 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
चारधाम यात्रा के दौरान पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रीनगर के एनआईटी खेल मैदान, आवास विकास की खाली भूमि और फरासू के पास पार्किंग जोन विकसित किए गए हैं, जहां एक समय में करीब 500 वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इसके अलावा पानी, बिजली और शौचालय की व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है।
ये रहेंगे वैकल्पिक मार्ग
- देवप्रयाग-सबदरखाल-पौड़ी-पैठाणी-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग
- श्रीनगर-बुघाणी-चमधार मोटर मार्ग
- डुंगरीपंथ-छातीखाल-खांकरा मोटर मार्ग
- श्रीनगर-खिर्सू-खेड़ाखाल मोटर मार्ग
भारी पुलिस बल रहेगा तैनात
यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसमें एक सीओ, दो इंस्पेक्टर, 30 एसआई/एएसआई, 100 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल, 15 महिला कांस्टेबल, दो सेक्शन पीएसी, एक एसडीआरएफ टीम, 70 होमगार्ड, 60 पीआरडी जवान, फायर सर्विस की दो यूनिट, एचपीयू व सीपीयू के छह कार्मिक और संचार सेवा के दो कर्मी शामिल हैं।
पर्यटन पुलिस व सीजनल चौकियां स्थापित
यात्रियों की सहायता और सुरक्षा के लिए श्रीनगर गढ़वाल में बाजार चौकी के साथ पर्यटन पुलिस चौकी स्थापित की गई है। बदरीनाथ हाईवे पर फरासू, सिरोबगड़ और गरुड़ चट्टी में सीजनल चौकियां भी बनाई गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके।
एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि मुख्य और वैकल्पिक मोटर मार्गों का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस कर्मियों को यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।



