रुद्रपुर। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों का समाधान न होने पर डिप्लोमा इंजीनियर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। प्रांतीय कार्यकारिणी के पहले और दूसरे चरण के आंदोलन के बावजूद समस्याओं का निस्तारण न होने से कर्मचारियों में रोष बना हुआ है।
सोमवार को रुद्रपुर, काशीपुर और खटीमा शाखाओं के इंजीनियरों ने अपने-अपने मुख्यालयों पर कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। रुद्रपुर में शाखा के सदस्य लोक निर्माण विभाग परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। जल्द समाधान न होने पर आंदोलन को उग्र रूप देने की चेतावनी भी दी गई। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष शलाका पंत ने की। इस दौरान जनपद सचिव हरपाल सिंह, सहायक अभियंता बीके सनवाल, विजयपाल सिंह, योगेश, कुमाऊं प्रांतीय संगठन सचिव चन्द्र बसेड़ा, इन्द्र सिंह, अनिल कुमार और अपर सहायक अभियंता नरपत सिंह मौजूद रहे।
काशीपुर। हड़ताल के पहले दिन महासंघ की शाखा से जुड़े सभी विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर सिंचाई खंड परिसर में धरने पर बैठे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को हुई उच्चस्तरीय बैठक में समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा हुई थी और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई। इससे प्रदेशभर के इंजीनियरों में आक्रोश है। धरने में जनपद अध्यक्ष ई. ज्योति रावत, शाखा अध्यक्ष ई. राजेश, शाखा सचिव ई. हिमांशु पंत और सहायक अभियंता नरेंद्र सिंह रावत शामिल रहे।
खटीमा। यहां लोक निर्माण विभाग कार्यालय में धरने पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियरों ने कहा कि लगातार अनुरोध के बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से शीघ्र मांगें पूरी करने की मांग की। धरने में आनंद बल्लभ जोशी, कमल किशोर जोशी, जीसी लोहनी, ललिता बिष्ट, सत्यपाल सिंह, आदर्श, प्रकाश सिंह, सौरभ आर्या और यशपाल सिंह मौजूद रहे।



