रुद्रपुर। पुलिस मुठभेड़ में शुक्रवार को गिरफ्तार हुआ नशा तस्कर शाकिर अली उर्फ नकटा बेहद शातिर अपराधी निकला। उसने स्मैक तस्करी के अपने अवैध कारोबार में न केवल पत्नी को शामिल किया, बल्कि अपने नाबालिग बेटे को भी इस दलदल में धकेल दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी अपने बेटे से जबरन तस्करी करवाता था। विरोध करने पर उस पर मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जाता था। इस काम में उसकी पत्नी शाहीन भी उसका पूरा साथ देती थी।
लंबे समय से फरार चल रहे शाकिर अली को 27 मार्च की देर रात कुईखेड़ा मार्ग पर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ मिलकर नशे का नेटवर्क संचालित कर रहा था। दोनों ने अपने नाबालिग बेटे को भी इस धंधे में शामिल कर रखा था। इससे पहले 24 जनवरी 2026 को एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने चेकिंग के दौरान नाबालिग को गिरफ्तार किया था। उसके पास स्कूटी की डिग्गी से भारी मात्रा में स्मैक बरामद हुई थी।
पूछताछ में किशोर ने बताया था कि वह पढ़ाई करना चाहता था, लेकिन माता-पिता ने उसे जबरन तस्करी में उतार दिया। इनकार करने पर उस पर दबाव बनाया जाता था। जिस उम्र में बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उसे नशे की सप्लाई में लगा दिया गया।
पहले भी हो चुकी है गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि शाकिर उर्फ नकटा के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी पत्नी भी कई मामलों में नामजद है। वर्ष 2016 से 2026 के बीच हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित करीब 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पूर्व में दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
फिलहाल घायल आरोपी का इलाज जारी है और जल्द ही उसे अदालत में पेश किया जाएगा।



