मेरठ। मेरठ में नमो भारत और मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ रियल एस्टेट बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी का अंदाजा हाल ही में हुई उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ई-नीलामी से लगाया जा सकता है, जिसमें करीब 59 करोड़ रुपये की 28 संपत्तियां बिक गईं।
परिषद की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर, माधवपुरम, शास्त्रीनगर और जागृति विहार विस्तार योजना की संपत्तियों के लिए 19 फरवरी को ई-नीलामी आयोजित की गई थी। उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नमो भारत और मेरठ मेट्रो सेवा का शुभारंभ किए जाने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में संपत्ति खरीदने को लेकर उत्साह बढ़ा है।
संपत्ति प्रबंधक सुनील कुमार शर्मा के अनुसार न केवल मेरठ बल्कि दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा से भी निवेशकों ने बोली लगाई।
ई-नीलामी में ट्रांसपोर्ट नगर का व्यावसायिक भूखंड 73 लाख रुपये, माधवपुरम योजना का आवासीय भूखंड 85 लाख रुपये, शास्त्रीनगर योजना में एक दुकान सहित व्यावसायिक संपत्ति 3.55 करोड़ रुपये, एक अन्य व्यावसायिक भूखंड 26.44 करोड़ रुपये और नर्सिंग भूखंड 23.02 करोड़ रुपये में बिका। वहीं जागृति विहार विस्तार योजना में नर्सरी स्कूल 1.93 करोड़ रुपये, आवासीय भूखंड 1.85 करोड़ रुपये और एक आवासीय भवन 54 लाख रुपये में नीलाम हुआ।
उप आवास आयुक्त के अनुसार कुल 58.91 करोड़ रुपये की 28 संपत्तियों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया गया है। जागृति विहार विस्तार योजना में शेष आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों का आवंटन भी जल्द किया जाएगा। 19 फरवरी की नीलामी में एकल बोली वाली संपत्तियों के लिए 13 मार्च को दोबारा ई-नीलामी होगी।
उधर, लोगों के बढ़ते रुझान का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि माधवपुरम में 30 प्लॉट के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिनके लिए 2029 आवेदन प्राप्त हुए। इससे शहर में रियल एस्टेट निवेश की बढ़ती मांग साफ दिखाई दे रही है।


