उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में पैथोलॉजी संचालक एवं शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या उनके बेटे अक्षत सिंह ने शराब के नशे में कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों नशे में थे और कहासुनी के बाद उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली चला दी।
नशे में कहासुनी बनी हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले मानवेंद्र किसी कार्यक्रम से लौटे थे और नशे में बेटे को भला-बुरा कहने लगे। अक्षत भी शराब के प्रभाव में था, जिससे विवाद बढ़ गया। गुस्से में उसने राइफल से पिता के सिर में गोली मार दी।
आरोपी ने जेल जाने से पहले अपनी छोटी बहन कृति से मिलने की इच्छा जताई। बहन को देखते ही वह फूट-फूटकर रो पड़ा। उसने बहन के इलाज और खर्च के लिए खाते में जमा पैसों की जानकारी भी दी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
वारदात के बाद से बहन कृति गहरे सदमे में है और किसी से बात नहीं कर रही। कम उम्र में मां को खोने के बाद अब पिता की हत्या और भाई के जेल जाने से वह पूरी तरह टूट चुकी है।
जेल में रातभर जागता रहा आरोपी
जेल में अक्षत पूरी रात सो नहीं सका और बड़बड़ाता रहा। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जेल अस्पताल में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है। वह बार-बार पछतावा जता रहा है और रो रहा है।
आरोपी का कहना है कि घटना से पहले पिता ने उसे पीटा था, जिसके बाद उसने गोली चलाई।

डॉक्टर बनने का दबाव भी बना वजह
पुलिस के अनुसार, मानवेंद्र बेटे पर डॉक्टर बनने का दबाव डालते थे। अक्षत दो बार नीट परीक्षा में असफल हो चुका था। 19 फरवरी की रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद 20 फरवरी तड़के हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव के किए टुकड़े, खुद दर्ज कराई गुमशुदगी
हत्या के बाद आरोपी ने शव के हाथ-पैर काटकर पॉलिथीन में भर दिए और उन्हें नादरगंज क्षेत्र की नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। धड़ को नीले ड्रम में छिपाकर रखा।
पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने खुद पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। हत्या में इस्तेमाल औजार और अन्य सामान ट्रांसपोर्टनगर रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिए, जबकि खून से सना बिस्तर अनौरा का जंगल में जलाया।
भारी मात्रा में बरामद हुआ सामान
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर राइफल, कारतूस, आरी, चाकू, नीला ड्रम, खून से सने कपड़े, बिस्तर और अन्य सामान बरामद किया है।
कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में उसने बहन को पूरी तरह निर्दोष बताया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।


