प्रदेश सरकार द्वारा 82 नेताओं को दायित्व सौंपने के बाद भाजपा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इनकी भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। सरकार और संगठन मिलकर इन दायित्वधारियों के जरिए चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की तैयारी में हैं। इसके लिए पार्टी ने विस्तृत प्लान भी तैयार कर लिया है।
धामी सरकार के दायित्वों के बंटवारे को भाजपा की ‘माइक्रो इंजीनियरिंग’ का हिस्सा माना जा रहा है। इसके तहत ऐसे नेताओं का चयन किया गया है, जिनकी अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ और पहचान है। इनमें कुछ नेता हाल ही में अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए हैं, जिन्हें संगठन ने खास महत्व दिया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए दो स्तर पर सर्वेक्षण भी करा चुकी है। संगठन किसी भी स्तर पर चूक नहीं चाहता, इसलिए उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां पार्टी खुद को अपेक्षाकृत कमजोर मानती रही है। ऐसे क्षेत्रों में दायित्वधारी सरकार और संगठन के बीच मजबूत कड़ी बनकर काम करेंगे।
जनता तक योजनाएं पहुंचाने पर जोर
भाजपा संगठन ने दायित्वधारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं और उनकी खूबियों को लेकर सीधे जनता के बीच जाएं और अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाएं। इसके आधार पर ही आगे उनका चुनावी टास्क तय किया जाएगा।
प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार के अनुसार, सभी दायित्वधारी सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम करेंगे। जितना अधिक वे योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाएंगे, उतनी ही पार्टी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए इनका टास्क जल्द निर्धारित किया जाएगा।



