चकराता क्षेत्र की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर अप्रैल माह के पहले सप्ताह में ही बुधवार को इस सीजन की पांचवीं बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है।
बीते मंगलवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद बुधवार सुबह करीब 11 बजे देवबन, खड़म्बा, दुरानी, कांवतालानी और मोयला टॉप सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। इस दौरान न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अचानक बदले मौसम का असर सेब बागवानों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सेब उत्पादकों से जुड़े बागवान कलम सिंह चौहान, विजन सिंह चौहान, हुकम सिंह, कल्याण सिंह, खजान, गुमान सिंह, दलीप सिंह, कृपाल चौहान, महावीर प्रधान और टीकम सिंह ने बताया कि चार अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से पहले ही फसलों को नुकसान पहुंच चुका है।
बागवानों के अनुसार, छह से सात हजार फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस समय सेब के बागानों में फ्लावरिंग का दौर होता है, जिसके लिए संतुलित तापमान आवश्यक होता है। ऐसे में तापमान में अचानक गिरावट और बर्फबारी से सेब उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।



