सफीदों (जींद)। हरियाणा के जींद जिले के सफीदों में शनिवार को होली के रंग बनाने वाली एक फैक्टरी में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग लगने के समय फैक्टरी में करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के दौरान सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि फैक्टरी के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था, जिससे कई मजदूर समय पर बाहर नहीं निकल सके। इस हादसे में पांच महिलाओं की झुलसकर मौत हो गई, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक आग भड़कने के बाद फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे, लेकिन गेट बंद मिलने से वे अंदर ही फंस गए। कुछ मजदूरों ने हिम्मत दिखाते हुए फैक्टरी की छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग में झुलसे मजदूरों को दो एंबुलेंस की मदद से जींद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया।
पहली एंबुलेंस से तीन घायलों को अस्पताल लाया गया, जिनमें सफीदों निवासी रानी (45) पत्नी अनिल कुमार, आदर्श कॉलोनी निवासी जगबीर (40) पुत्र चंद्रभान और करनाल जिले के निसंग निवासी पवन कुमार (30) पुत्र बालवीर शामिल हैं। इनमें जगबीर और पवन कुमार का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
इसके अलावा सफीदों की कश्मीरी (39) पत्नी लाभ सिंह निवासी शिव कॉलोनी, कमलेश (54) पत्नी रमेश निवासी गीता कॉलोनी और बिमला (60) पत्नी सत कुमार निवासी सफीदों को भी झुलसी हालत में नागरिक अस्पताल जींद में भर्ती कराया गया है।

फैक्टरी से कुल 16 महिलाओं और दो पुरुषों को जली हुई हालत में बाहर निकाला गया। इनमें से पांच महिलाओं की मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान पूजा (वार्ड नंबर 13, सफीदों), उषा पत्नी जगदीश (आदर्श कॉलोनी), पिंकी पत्नी बाबू (सिंघपुरा) और गुड्डी निवासी सफीदों के रूप में हुई है, जबकि एक महिला की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने घटना के विरोध में सड़क जाम करने की चेतावनी दी। मौके पर पहुंचे उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने परिजनों को उचित कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।


