देहरादून। आवेदन पत्रों की डुप्लीकेसी रोकने के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने भर्ती परीक्षाओं में आधार अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही परीक्षाओं में निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा। अभ्यर्थियों की उपस्थिति अब केवल कागजी हस्ताक्षर से नहीं बल्कि हथेली और आंखों की पुतली (रेटिना) स्कैन कर दर्ज की जाएगी।
आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि बीते तीन वर्षों में आयोग ने रिकॉर्ड कार्य किया है। 72 प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से 7092 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभागों को संस्तुति भेजी जा चुकी है। इसके अलावा करीब 3500 पदों पर चयन प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है।
उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में समूह-ग के 1100 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है, जबकि 1737 अन्य पदों के लिए विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एआई आधारित निगरानी और लाइव सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
खुद का परीक्षा भवन और कंप्यूटर लैब बनेगा
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही प्रत्येक जिले में आदर्श परीक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। कम संख्या वाली परीक्षाओं के लिए आयोग अपना स्वयं का कंप्यूटर लैब और परीक्षा भवन भी तैयार कर रहा है।


