तमाम सियासी उठापटक, चर्चाओं और अफवाहों के बीच आखिरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कैबिनेट को पूरा कर लिया है। प्रदेश में निर्वाचित सरकारों के इतिहास में 11 कैबिनेट मंत्रियों के साथ पूर्ण मंत्रिमंडल बनाने का रिकॉर्ड पहले विजय बहुगुणा के नाम था, लेकिन अब धामी ने यह उपलब्धि दूसरी बार हासिल कर ली है।
खास बात यह है कि मुख्यमंत्री धामी दो बार अपनी कैबिनेट को पूर्ण आकार देने में सफल रहे हैं। धामी-1 सरकार में भी 11 कैबिनेट मंत्री थे, जबकि धामी-2 सरकार की शुरुआत आठ मंत्रियों से हुई थी। बीच में संख्या घटकर छह रह गई थी, लेकिन अब फिर से कैबिनेट का आंकड़ा 11 तक पहुंच गया है।
प्रदेश के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो पहली निर्वाचित सरकार एनडी तिवारी के नेतृत्व में बनी थी, जिसमें नौ कैबिनेट मंत्री थे। इसके बाद भुवन चंद्र खंडूरी की पहली सरकार में भी नौ मंत्री रहे, जबकि रमेश पोखरियाल निशंक सरकार में सात और खंडूरी की दूसरी सरकार में छह मंत्री थे।
वर्ष 2012 में विजय बहुगुणा सरकार ने 11 कैबिनेट मंत्रियों के साथ पूर्ण मंत्रिमंडल बनाकर रिकॉर्ड कायम किया था। इसके बाद हरीश रावत सरकार में नौ, त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में छह और तीरथ सिंह रावत सरकार में आठ कैबिनेट मंत्री रहे।
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर 11 कैबिनेट मंत्रियों के साथ अपनी टीम पूरी कर इस रिकॉर्ड की बराबरी ही नहीं की, बल्कि इसे दोहराकर नया राजनीतिक संदेश भी दिया है।



