रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा से पहले गुप्तकाशी से गौरीकुंड तक का मार्ग प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। करीब 32 किमी लंबे इस मार्ग पर भूस्खलन जोन, संकरी सड़कें और बदहाल हिस्से यात्रा को कठिन बना रहे हैं। सामान्य दिनों में एक घंटे का सफर अब दो घंटे से अधिक ले रहा है, जबकि यात्रा काल में यह समय चार घंटे या उससे ज्यादा हो सकता है।
गुप्तकाशी से ही जाम की स्थिति शुरू हो जाती है। नगर पंचायत क्षेत्र से आगे नाला, नारायणकोटी और भते तक सड़क ठीक होने के बावजूद संकरी चौड़ाई के कारण यातायात दबाव बढ़ रहा है। सेम भते के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। खुमेरा क्षेत्र में सड़क दलदली बनी हुई है, जहां मरम्मत कार्य बारिश के चलते प्रभावित है। ब्यूंग गाड़ में भी सुधार कार्य जारी है।
फाटा तक करीब 800 मीटर का संकरा मार्ग हर साल की तरह इस बार भी जाम का कारण बन सकता है। फाटा से आगे तरसाली के पास करीब 700 मीटर क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है, जहां हाल ही में हुआ डामरीकरण उखड़ने लगा है। रामपुर में सड़क खस्ताहाल है और सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य जारी है। बड़ासू क्षेत्र में ढीली चट्टानें वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रही हैं।
सोनप्रयाग में ट्रैफिक व्यवस्था हर साल की तरह इस बार भी चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है। यहां से त्रियुगीनारायण मार्ग पर बढ़ता दबाव जाम की स्थिति को और बिगाड़ सकता है। गौरीकुंड मार्ग पर मुनकटिया स्लाइडिंग जोन भी परेशानी का कारण बना हुआ है। हालांकि यहां सड़क चौड़ी की गई है, जिससे पैदल यात्रियों को राहत मिलेगी, लेकिन भारी वाहनों के लिए जोखिम बना हुआ है।
गौरीकुंड से पहले एक नया भूस्खलन जोन भी सामने आया है, जहां ढीली चट्टानें और मलबा लगातार खतरा बने हुए हैं। पत्थर और बोल्डर गिरने की आशंका से यात्रा और कठिन हो सकती है। रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक करीब 74 किमी का सफर सामान्य दिनों में 3-4 घंटे ले रहा है, जो यात्रा काल में बढ़कर 6-7 घंटे तक पहुंच सकता है।
सुविधाएं भी अधूरी, यात्रियों को परेशानी
यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। बड़ी संख्या में वाहन और पैदल श्रद्धालु इस मार्ग का उपयोग करते हैं, लेकिन पर्याप्त वाटर एटीएम और प्रतीक्षालयों का अभाव है। मार्ग में बने अधिकांश शौचालयों में पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत गुप्तकाशी और फाटा में पीएचसी, सोनप्रयाग में मेडिकल रिलीफ प्वाइंट और गौरीकुंड में पीएचसी संचालित हैं। ईंधन के लिए कोरखी फाटा में एक पेट्रोल पंप उपलब्ध है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों को फील्ड विजिट पर भेजा गया है और व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को सुचारु करने का प्रयास किया जाएगा।



