मुंबई। द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सभी नागरिकों को सस्ती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना देश का साझा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।
सामाजिक जिम्मेदारी के साथ दें स्वास्थ्य सेवाएं
राष्ट्रपति मुंबई स्थित पीडी हिंदुजा अस्पताल द्वारा आयोजित ‘सेविंग लाइव्स एंड बिल्डिंग अ हेल्दीयर भारत’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने निजी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से अपील की कि वे स्वास्थ्य सेवाएं देते समय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का भी पूरा ध्यान रखें।
स्वस्थ भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण में सरकार के साथ-साथ सभी हितधारकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक और एआई की बढ़ती भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में इनका उपयोग बढ़ रहा है और आने वाले समय में इनकी भूमिका और व्यापक होगी।
देश में दवा और उपकरण निर्माण पर जोर
उन्होंने कहा कि देश में ही दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का निर्माण किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। इस दिशा में सरकार की पहलें सहायक सिद्ध हो रही हैं।
विकसित भारत के लक्ष्य के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना जरूरी
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना बुनियादी आवश्यकता है। समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से ही सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव है।


