काशीपुर। किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में नामजद आरोपी जहीर की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी फिलहाल हल्द्वानी जेल में बंद है। अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों को आधार बनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि आईटीआई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने जमीन खरीद-फरोख्त में करीब चार करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से आहत होकर 10-11 जनवरी की रात काठगोदाम के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में मृतक के भाई परविंदर सिंह ने मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह समेत 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए जमीन खरीद-फरोख्त में एजेंट की भूमिका निभाने वाले जहीर को 7 फरवरी को बरेली रेलवे जंक्शन से गिरफ्तार किया था। बाद में उसे अदालत में पेश कर 14 दिन की रिमांड पर लिया गया और 9 फरवरी से हल्द्वानी जेल में निरुद्ध है।
जमानत अर्जी में क्या कहा गया
आरोपी की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा गया कि उसने सुखवंत सिंह या उनके भाई के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं की और न ही आत्महत्या के लिए उकसाया।
मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज गर्ब्याल की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
520 कॉल रिकॉर्ड बने अहम आधार
शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अभियुक्तों ने परविंदर सिंह और सुखवंत सिंह से दो बार धोखाधड़ी कर कुल 3.82 करोड़ रुपये हड़प लिए थे, जिससे आहत होकर किसान ने आत्महत्या कर ली।
अदालत में प्रस्तुत कॉल डिटेल के अनुसार —
- 11 अप्रैल 2025 से 26 सितंबर 2025 तक जहीर और सुखवंत सिंह के बीच 434 बार बातचीत हुई।
- 12 अप्रैल 2025 से 22 सितंबर 2025 तक जहीर और परविंदर सिंह के बीच 86 बार फोन पर संपर्क हुआ।
इस प्रकार दोनों भाइयों और आरोपी के बीच कुल 520 बार फोन पर बातचीत होना अभियोजन पक्ष ने मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया।


