श्यामपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लाहड़पुर में संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में मृत मिले ग्रामीण की मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग बेटी को संरक्षण में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। मामले में महिला के प्रेमी व एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मायापुर स्थित कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता में एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि दो अप्रैल को लाहड़पुर निवासी पूजा अपनी बेटी के साथ कोतवाली पहुंची थी। उसने सूचना दी थी कि उसके पति बबलू ने शराब के नशे में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर इंस्पेक्टर मनोहर सिंह भंडारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक जांच कराई। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और जांच शुरू की गई।
इसी बीच मृतक के भाई राजू ने पूजा, नाबालिग बेटी और बिजनौर के कोहरपुर मंडावर निवासी मोंटी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। जांच के दौरान पुलिस ने बच्चों से पूछताछ की। मृतक के बेटे ने बताया कि उसकी मां और बहन ने मिलकर पिता की तकिये से मुंह दबाकर हत्या की थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल सल्फास का पैकेट, शराब का खाली पाउच, स्टील का गिलास, दुपट्टे और तकिया बरामद किया है।
अवैध संबंध के चलते रची साजिश
पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका बिजनौर निवासी मोंटी से संबंध था, जबकि नाबालिग बेटी का भी एक युवक से प्रेम प्रसंग था। इसकी जानकारी होने पर बबलू अक्सर शराब के नशे में मारपीट करता था। इससे परेशान होकर दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
एक अप्रैल की रात बबलू को शराब में नींद की दवा मिलाकर पिला दी गई। गहरी नींद में होने पर उसके हाथ-पैर दुपट्टों से बांध दिए गए और तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। बाद में शव को दूसरे कमरे में ले जाकर मुंह में सल्फास का घोल डाल दिया गया, ताकि घटना आत्महत्या लगे।
अगली सुबह पूजा ने पति के जहर खाकर आत्महत्या करने की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस अब मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।



