March 16, 2026 - 2:01 am

इच्छामृत्यु की इजाजत: जड़ी-बूटियों संग पहुंचे बाबा, हरीश को ठीक करने का किया दावा, छह घंटे तक गेट पर इंतजार

spot_img
Must Read

गाजियाबाद। राजस्थान के भीलवाड़ा से स्वामी अखंडानंद शुक्रवार को कोमा में चल रहे हरीश राणा से मिलने राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसायटी पहुंचे। उन्होंने जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं से हरीश की बीमारी ठीक करने का दावा किया, लेकिन परिवार ने चिकित्सकों की सलाह और हरीश की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए उपचार से इंकार कर दिया। इसके बाद स्वामी अखंडानंद वापस लौट गए।

बताया गया कि स्वामी अखंडानंद करीब छह घंटे तक सोसायटी के गेट पर परिवार से मिलने का इंतजार करते रहे। कोई मिलने नहीं आया तो उन्होंने एक पत्र भिजवाया। इसके बाद हरीश के पिता अशोक राणा उनसे मिलने पहुंचे।

अशोक राणा ने बताया कि उन्होंने स्वामी अखंडानंद को पानी और जूस दिया। बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि हरीश का हर संभव इलाज कराया जा चुका है। डॉक्टरों के अनुसार, उसके मस्तिष्क की नसें सूख चुकी हैं और खून की आपूर्ति भी नहीं हो रही है, जिससे मस्तिष्क सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

अशोक राणा के मुताबिक, स्वामी अखंडानंद ने कई जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं के नाम बताए और अपना मोबाइल नंबर भी दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बीमारी से पीड़ित कई बच्चों के माता-पिता उनके संपर्क में हैं, जिन्हें वह स्वामी अखंडानंद के बारे में जानकारी देंगे। अशोक राणा ने कहा कि “पता नहीं किसकी दवा या दुआ कब असर कर जाए।”

भीलवाड़ा में आश्रम चलाते हैं स्वामी अखंडानंद

स्वामी अखंडानंद ने बताया कि उन्होंने समाचारों में हरीश के बारे में सुना तो सेवा भाव से आयुर्वेदिक दवाएं लेकर यहां पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि यदि कोमा या लकवाग्रस्त मरीज को समय रहते उनके पास लाया जाए तो आयुर्वेदिक उपचार से उसे ठीक किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में एक बच्चे के माता-पिता ने करीब 40 लाख रुपये खर्च कर इलाज कराया था, लेकिन लाभ नहीं मिला। उनके अनुसार, उन्होंने चार दिन में ही उस बच्चे को कोमा से बाहर निकाल दिया। स्वामी अखंडानंद ने बताया कि वह भीलवाड़ा में आश्रम चलाते हैं और आयुर्वेद में एमडी की पढ़ाई कर चुके हैं।

हरीश को एम्स ले गया परिवार

शनिवार सुबह हरीश राणा को गाजियाबाद से दिल्ली स्थित एम्स ले जाया गया। परिवार सुबह करीब आठ बजे उन्हें लेकर राज एंपायर सोसायटी से तीन निजी वाहनों में रवाना हुआ। इस दौरान करीबी रिश्तेदार और परिवार के कुछ मित्र ही साथ थे। पूरे घटनाक्रम को बेहद गोपनीय रखा गया और प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि पिछले 13 वर्षों से बिस्तर पर रहकर असहनीय पीड़ा झेल रहे हरीश को सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति मिली है। इसकी प्रक्रिया एम्स में पूरी की जानी है। हालांकि, परिवार ने स्वास्थ्य विभाग को जाने से पहले इसकी सूचना नहीं दी।

सीएमओ के अनुसार, परिवार से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई और एक कर्मचारी को फ्लैट पर भी भेजा गया, लेकिन वहां ताला लगा मिला।

व्हीलचेयर पर बेसमेंट तक लाए गए हरीश

पड़ोसी नरेंद्र के अनुसार, अशोक राणा का परिवार सोसायटी की 13वीं मंजिल पर रहता है। शनिवार सुबह हरीश को व्हीलचेयर पर बैठाकर लिफ्ट के जरिए बेसमेंट-2 तक लाया गया। इसके बाद उन्हें निजी वाहन में बैठाकर परिवार एम्स के लिए रवाना हो गया।

हरीश के साथ उनके पिता अशोक राणा, मां निर्मला देवी, भाई आशीष, बहन भावना और उनके पति मौजूद रहे। इसके अलावा आशीष और हरीश के कुछ मित्र व रिश्तेदार भी साथ गए। इस दौरान सभी की आंखें नम थीं।

दिनभर दुविधा में रहे सोसायटीवासी

परिवार के गुपचुप तरीके से रवाना होने के कारण दोपहर तक सोसायटी के अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कई सुरक्षा कर्मियों को भी इसकी भनक नहीं लगी। पूरे दिन लोग यही चर्चा करते रहे कि परिवार घर में है या कहीं चला गया है।

शाम को स्पष्ट हुआ कि परिवार निजी वाहनों से एम्स गया है। सोसायटी में रहने वाले वीएन शर्मा ने बताया कि परिवार शांति से जाना चाहता था, इसलिए किसी ने ज्यादा पूछताछ नहीं की।

सोसायटी में दिखा सन्नाटा

शनिवार को पूरी सोसायटी में सन्नाटा पसरा रहा। छुट्टी का दिन होने के बावजूद माहौल सामान्य से अधिक शांत दिखाई दिया।

सोसायटी निवासी जयचंद भगवती ने बताया कि उन्हें करीब एक वर्ष पहले हरीश के बारे में पता चला था। उन्होंने कहा कि वह कभी उनके घर नहीं गए, क्योंकि कई बार व्यक्ति अपने दुख के साथ अकेला रहना चाहता है।

वहीं, दीपशिखा ने कहा कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को ऐसी हालत में नहीं देखना चाहता। परिवार ने वर्षों तक उसकी पीड़ा देखी है। अब अगर उसे मुक्ति मिलती है तो शायद वही उनके लिए सबसे बड़ी राहत होगी।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
Latest News

Six-pack abs: 1980 में शुरू हुआ सिक्स पैक एब्स का ट्रेंड, जॉन-ऋतिक-सलमान से पहले किस बॉलीवुड अभिनेता ने की थी इसकी शुरुआत

मुंबई। बॉलीवुड में आज सिक्स-पैक एब्स का ट्रेंड आम हो चुका है। फिल्मों में हीरो शर्टलेस होकर अपनी फिट...
- Advertisement -spot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_img