रुद्रपुर। बेमौसमी धान की फसल और नर्सरी पर रोक लगाने के विरोध में सोमवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस नेता हरेंद्र सिंह लाडी की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य गेट के सामने धरना देकर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों का कहना था कि तराई क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ भूमि ऐसी है, जहां धान के अलावा अन्य फसल संभव नहीं है। पहले से मौसम की मार और वन्यजीवों द्वारा फसलों के नुकसान से परेशान किसान जैसे-तैसे बेमौसमी धान की खेती कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन नियमों का हवाला देकर उन्हें रोका जा रहा है।
इस दौरान डीएम से मिलकर लौट रहे गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय को किसानों ने मुख्य गेट पर रोक लिया और धरने पर बैठने का आग्रह किया। किसानों का कहना था कि यदि वह उनके हितैषी हैं तो साथ बैठें। इस पर विधायक किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। विधायक पांडेय ने किसानों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि वह स्वयं भी बेमौसमी धान की खेती के समर्थन में डीएम से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि डीएम ने किसानों के हित में उचित निर्णय का आश्वासन दिया है। हंगामे के बाद किसानों ने एडीएम कौस्तुभ मिश्र को मांगपत्र सौंपा। एडीएम ने कहा कि विधिक राय लेने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
तहसील स्तर पर लगेगा एसडीएम कैंप
विधायक अरविंद पांडेय ने डीएम नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात के बाद बताया कि जहां जलभराव की समस्या है, वहां धान की खेती की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक तहसील में एसडीएम कैंप लगाएंगे, जहां किसानों की समस्याएं सुनकर समाधान किया जाएगा। प्रशासन निरीक्षण के बाद संबंधित क्षेत्रों में धान लगाने की अनुमति देगा।
नर्सरी फिलहाल नष्ट नहीं होगी
धरने के दौरान किसानों ने पहले से तैयार धान की नर्सरी को नष्ट न करने की मांग उठाई। इस पर एडीएम कौस्तुभ मिश्र ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नर्सरी को नष्ट नहीं किया जाएगा। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण विधिक राय के बाद किसानों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
आधे घंटे तक बंद रहा मुख्य गेट
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने डीएम कार्यालय के मुख्य गेट को करीब आधे घंटे तक बंद रखा। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं।


