देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का बुधवार को तीसरा दिन हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में तीखी बहस हुई। वहीं गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें दीवालीखाल में रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही धरना देकर प्रदर्शन किया।
विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने सदन में बताया कि कार्यमंत्रणा समिति से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह का इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। इस कारण दोनों सदस्य अभी भी समिति के सदस्य बने हुए हैं।
गैरसैंण मुद्दे पर प्रदर्शन
सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर विधानसभा कूच करने की कोशिश की। दीवालीखाल में पुलिस की कड़ी सुरक्षा के चलते उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार गैरसैंण के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है और पहाड़ों से पलायन लगातार बढ़ रहा है।
इसी मुद्दे पर यूकेडी के केंद्रीय युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो यूकेडी खुद बैरिकेडिंग कर नेताओं को रोकने का काम करेगी।
लोक कलाकार दीवान कनवाल के निधन पर शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोक कलाकार दीवान कनवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दीवान कनवाल ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोक संगीत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खिलाड़ियों को नौकरी देने की प्रक्रिया जारी
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सुरेश गढ़िया ने पदक विजेता खिलाड़ियों को दी गई नौकरियों को लेकर सवाल उठाया। खेल मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि खिलाड़ियों को नौकरी देने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2013 से 2023 के बीच 29 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दी गई है।
सेमल डाला में बनेगा खेल स्टेडियम
कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने पीपलकोठी के सेमल डाला मैदान के विस्तार की मांग उठाई। इस पर खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सेमल डाला में खेल स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा।
सत्र के दौरान कांग्रेस नियम 310 के तहत भूमिधरी का मुद्दा उठाएगी। वहीं हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों को लेकर विधायक सुमित विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए।
आज इन अध्यादेशों और विधेयकों पर होगी कार्रवाई
सदन में चार अध्यादेश और 11 विधेयक पेश किए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (रोजगार विनियमन व सेवा शर्त) संशोधन, उत्तराखंड जन विश्वास उपबंध संशोधन, माल एवं सेवा कर संशोधन और समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश शामिल हैं।
इसके अलावा कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं संशोधन, भाषा संस्थान संशोधन, अल्पसंख्यक आयोग संशोधन, निजी विश्वविद्यालय संशोधन और सार्वजनिक द्यूत रोकथाम सहित कुल 11 विधेयकों को सदन में पारित किए जाने की संभावना है।



