नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए बहुआयामी रणनीति लागू की है। सरकार के अनुसार, एक ओर ईरान से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है, वहीं घरेलू स्तर पर ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। देश की रिफाइनरियां अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं और कहीं भी ईंधन संकट की स्थिति नहीं है।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर, ईंधन आपूर्ति सामान्य
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा वैश्विक तनाव का भारत की ईंधन आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। देश की सभी रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर कामकाज सामान्य है और किसी भी क्षेत्र से ईंधन खत्म होने की सूचना नहीं मिली है। परिवहन में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी और घरों में उपयोग होने वाली पीएनजी की आपूर्ति भी उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है।
पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन
ऊर्जा स्थिरता को मजबूत करने के लिए सरकार स्वच्छ ईंधन के उपयोग पर जोर दे रही है। संयुक्त सचिव ने बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से जहां संभव हो, पीएनजी कनेक्शन अपनाने का आग्रह किया गया है।
पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए गैस कंपनियों ने विशेष प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं।
- इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने घोषणा की है कि 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन लेने और गैस उपयोग शुरू करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 500 रुपये की मुफ्त गैस दी जाएगी।
- गेल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) भी उपभोक्ताओं को स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए इसी तरह के प्रोत्साहन दे रही हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंच रहा एलपीजी पोत
पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा शिपमेंट को लेकर भी सकारात्मक खबर सामने आई है। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी से रवाना हुआ ‘शिवालिक एलपीजी कैरियर’ होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है।
पोत के शाम करीब पांच बजे भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए बंदरगाह पर दस्तावेजीकरण और प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं, ताकि आपूर्ति में किसी प्रकार की देरी न हो।
ईरान से भारतीयों की निकासी जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी है।
- अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिक भूमि सीमा के रास्ते आर्मेनिया में सुरक्षित प्रवेश कर चुके हैं।
- इसके अलावा करीब 90 भारतीय नागरिक अज़रबैजान पहुंच चुके हैं।
उन्होंने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास इन नागरिकों की आवाजाही में वीजा और आव्रजन औपचारिकताओं सहित हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से एलपीजी पोत का सुरक्षित आना और देश की रिफाइनरियों का पूर्ण क्षमता पर चलना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है। साथ ही एलपीजी से पीएनजी की ओर संक्रमण को बढ़ावा देने और विदेशों में फंसे नागरिकों की त्वरित निकासी से सरकार की सक्रिय रणनीति भी सामने आती है।



