प्रयागराज। नाबालिगों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में ज्योतिष पीठ से जुड़े धर्मगुरु और उनके शिष्य पर लगे आरोपों को लेकर जांच प्रक्रिया जारी है। मेडिकल जांच में यौन शोषण की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है, हालांकि किसी भी अधिकारी ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बताया गया है कि बच्चों की जांच बेली अस्पताल में कराई गई, जहां उनकी उम्र और कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित परीक्षण किए गए। रिपोर्ट में शोषण की पुष्टि का दावा सामने आया है, लेकिन पुलिस या प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई। बच्चों की वास्तविक उम्र निर्धारित करने के लिए दांतों की जांच भी कराई गई है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार सभी जांच रिपोर्ट विवेचना अधिकारी को सौंपी जाएंगी और आगे न्यायालय में प्रस्तुत की जाएंगी। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। इस प्रकरण में ज्योतिष पीठ के धर्मगुरु और उनके शिष्य मुकुंदानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। याचिका न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में सूचीबद्ध है।
नाबालिगों के संरक्षक की ओर से ज्योतिष पीठ से जुड़े धर्मगुरु के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। अग्रिम जमानत याचिका में आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया है कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और उनकी छवि धूमिल करने की साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि वह जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, इसलिए गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। फिलहाल मामले में आधिकारिक जांच जारी है और न्यायालय के निर्देशों के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।


