हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में मिशन-2027 के लिए चुनावी मोड में कदम बढ़ा दिया है। इसी रणनीति के तहत शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी जनसभा हरिद्वार में आयोजित की गई। भाजपा ने इसके लिए हरिद्वार को इसलिए चुना है क्योंकि इस जिले में कांग्रेस और बसपा को पिछले चुनावों में लगातार बढ़त मिलती रही है।
पार्टी का मानना है कि यहां से चुनावी शंखनाद कर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाई जा सकती है। लगातार नौ वर्षों से राज्य की सत्ता में काबिज भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। दो कार्यकाल के बाद संभावित सत्ता विरोधी माहौल को भांपते हुए भाजपा पहले ही रणनीति बनाने में जुट गई है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार अपने चार वर्ष पूरे होने का जश्न मना रही है। जनसभा के जरिए केंद्र सरकार के तीन नए कानूनों और राज्य सरकार की प्रमुख पहलों—समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण कानून, नकलरोधी कानून, अल्पसंख्यक कानून और दंगारोधी कानून—को जनता के बीच उपलब्धि के रूप में पेश किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य यह संदेश देना है कि डबल इंजन की सरकार विकास और सख्त कानूनों के जरिए राज्य को नई दिशा दे रही है।
हरिद्वार से शंखनाद के तीन बड़े कारण
2022 की कसक:
पिछले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की 11 सीटों में से भाजपा को केवल तीन—हरिद्वार, भेल रानीपुर और रुड़की—सीटों पर जीत मिली थी। बाकी सीटें कांग्रेस, बसपा और निर्दलीयों के खाते में गई थीं। शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और जिले में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।
हिंदुत्व का केंद्र:
हरिद्वार देश की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से दिया गया राजनीतिक संदेश पूरे राज्य और देश में असर डालता है।
मैदानी समीकरण:
उत्तराखंड की सत्ता का रास्ता हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों से होकर गुजरता है। इन जिलों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को अक्सर अच्छी सफलता मिलती रही है, इसलिए भाजपा यहां अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
जनसभा के बाद बनेगी मिशन-2027 की रणनीति
गृह मंत्री की जनसभा के बाद भाजपा की कोर ग्रुप बैठक एक निजी होटल में आयोजित होगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, संगठन महामंत्री अजय कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, संगठन की मजबूती और तीसरी बार लगातार सरकार बनाने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा होने की संभावना है।


