एवरग्रीन अभिनेता अनिल कपूर की हालिया रिलीज फिल्म ‘सूबेदार’ 5 मार्च को Amazon Prime Video पर रिलीज हुई है। फिल्म को क्रिटिक्स की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं, लेकिन अनिल कपूर के अभिनय की काफी सराहना हो रही है। अब फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने भी फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ की है।
अनुराग कश्यप का कहना है कि ‘सूबेदार’ को ओटीटी की बजाय सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना चाहिए था। उन्होंने कलाकारों के अभिनय, एक्शन दृश्यों और फिल्म की सादगी की प्रशंसा की है।
बड़े पर्दे के लिए बनी है फिल्म
अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की समीक्षा साझा करते हुए लिखा कि प्राइम वीडियो पर आई ‘सूबेदार’ को सिनेमाघरों में रिलीज होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि फिल्म को एनामॉर्फिक तकनीक से शूट किया गया है और यह साफ तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाई गई लगती है।
उन्होंने लिखा कि निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने बुंदेलखंड-चंबल क्षेत्र की एक जीवंत दुनिया को पर्दे पर उतारा है, जहां पितृसत्ता और सामाजिक विशेषाधिकार साफ दिखाई देते हैं। यह वही बीहड़ इलाका है जहां कभी फूलन देवी का जन्म हुआ था।

पान सिंह तोमर की दुनिया की याद दिलाती कहानी
अनुराग कश्यप के अनुसार, यह वही दुनिया है जिसने पान सिंह तोमर जैसे किरदार को जन्म दिया। इसी पृष्ठभूमि में फिल्म का सूबेदार एक पूर्व सैनिक के रूप में समाज की बुराइयों के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि फिल्म पूरी तरह काल्पनिक होते हुए भी यथार्थ के करीब लगती है। फिल्म में तनाव, दृढ़ता और खामोशी का बेहतरीन संतुलन है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शकों से भरे थिएटर में इसे देखना और ज्यादा रोमांचक होता।
कलाकारों के अभिनय की सराहना
अनुराग कश्यप ने फिल्म के कलाकारों की भी जमकर तारीफ की। उनके अनुसार, अनिल कपूर ने इस फिल्म में भी अपने अभिनय की ऊर्जा को बरकरार रखा है। फैसल मलिक का काम शानदार है, जबकि मोना सिंह ने अपने किरदार से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि आदित्य रावल ने छोटे शहर के सोशल मीडिया से प्रभावित खलनायक की भूमिका बखूबी निभाई है। वहीं राधिका मदान को उन्होंने जोशीली और संवेदनशील बताते हुए उनके काम की भी सराहना की।
तकनीकी पक्ष भी मजबूत
अनुराग कश्यप ने फिल्म के तकनीकी पक्ष को भी मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में शानदार सिनेमैटोग्राफी, हाईवे चेज और प्रभावी एक्शन देखने को मिलता है। ऐसे समय में जब एक्शन फिल्मों में घिसे-पिटे पैटर्न देखने को मिलते हैं, ‘सूबेदार’ की सादगी दिल को छू जाती है।
ऐसी है फिल्म की कहानी
निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की फिल्म ‘सूबेदार’ एक रिटायर्ड सैनिक की कहानी है। मध्य प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी अर्जुन नामक पूर्व सैनिक के संघर्ष को दिखाती है, जो स्थानीय भ्रष्टाचार और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ खड़ा होता है। साथ ही वह अपनी बेटी श्यामा के साथ टूटे रिश्ते को सुधारने की कोशिश भी करता है।


