रुद्रपुर। कीरतपुर स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की करीब 10 लाख फर्जी किताबें पकड़े जाने से हड़कंप मच गया है। सोमवार को दिल्ली से पहुंचे एनसीईआरटी अधिकारियों ने जांच के बाद किताबों को नकली करार दिया। अधिकारियों का दावा है कि यह देश में अब तक का सबसे बड़ा किताब फर्जीवाड़ा है।
बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात कोतवाल मनोज रतूड़ी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कीरतपुर के एक गोदाम पर छापा मारा था। इस दौरान किताबों से लदा एक कैंटर पकड़ा गया, जबकि गोदाम संचालक मेरठ निवासी संदीप मौके से फरार हो गया। रविवार सुबह तहसीलदार दिनेश कुटौला और प्रभारी सीईओ हरेंद्र मिश्रा की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़कर जांच की गई, जिसमें किताबें संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद एनसीईआरटी मुख्यालय को सूचना दी गई।
सोमवार को एनसीईआरटी की टीम ने मौके पर पहुंचकर किताबों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि किताबों पर एनसीईआरटी की जगह ‘एसीईआरटी-2024’ का वाटरमार्क अंकित है। कई किताबों में बारकोड नहीं मिला और प्रिंट क्वालिटी भी बेहद खराब पाई गई। प्रथम दृष्टया इन्हें नकली माना गया है। टीम ने सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं।
140 लॉट में मिलीं किताबें, कोर्ट में पेश होगी पुलिस
पुलिस के अनुसार, गोदाम में किताबों के 140 लॉट मिले हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 10 लाख है। इतनी बड़ी मात्रा में किताबों को कोतवाली में रखना संभव नहीं है। ऐसे में पुलिस मंगलवार को मामले में आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट का रुख करेगी। कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
कई राज्यों तक फैले हैं गिरोह के तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े के तार कई राज्यों से जुड़े हैं। मेरठ निवासी संदीप अकेले इस धंधे में शामिल नहीं था, बल्कि उसके साथ अन्य लोगों की भी संलिप्तता की आशंका है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आएंगे।
नामजद व अज्ञात पर दर्ज होगी प्राथमिकी
पुलिस गोदाम संचालक संदीप समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है।
गोदाम प्रकरण से जुड़ाव से कांग्रेस नेता ने किया इनकार
कांग्रेस नेता पुष्कर जैन ने इस मामले से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि बिना तथ्यों के किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने अपना नाम उछाले जाने पर आपत्ति जताई है।



