नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस व प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र में जारी संघर्ष, ऊर्जा ढांचे पर हमलों और वैश्विक असर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने ऊर्जा के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को लेकर अपना स्पष्ट रुख दोहराया है। उन्होंने बताया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और शिपिंग लाइनों को सुरक्षित व निर्बाध बनाए रखना बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए मिल रहे निरंतर सहयोग पर क्राउन प्रिंस का आभार भी जताया। बातचीत में क्षेत्रीय हालात और शांति बहाली के प्रयासों पर भी जोर दिया गया।
भारत का मानना है कि पश्चिम एशिया में स्थिरता केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी अहम है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की वकालत करता रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई मंचों से स्पष्ट कर चुके हैं कि “यह युद्ध का युग नहीं है।” रूस-यूक्रेन संघर्ष हो या अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच तनाव, भारत ने हर बार बातचीत के जरिए समाधान पर बल दिया है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं और देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा भी इसी क्षेत्र से पूरा होता है। ऐसे में क्षेत्र में शांति और स्थिरता भारत के राष्ट्रीय हितों के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।



