नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिले समर्थन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हाल में सामने आई वे सभी रिपोर्ट सही हैं, जिनमें दावा किया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के समय चीन ने पाकिस्तान की मदद की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार को इस संबंध में पहले से जानकारी थी और नई रिपोर्टों ने उसी तथ्य की पुष्टि की है।
इसी बीच, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने बताया कि इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से 11 भारतीय जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, 13 अन्य भारतीय जहाज अब भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और सुरक्षित आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
14-15 मई को होगी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की अहम बैठक
भारत 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेगा। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के विदेश मंत्री व प्रतिनिधिमंडल प्रमुख हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे।
बैठक के दौरान सभी प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। पहले दिन वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। वहीं दूसरे दिन ‘ब्रिक्स एट 20: बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक 26 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित हुई थी।
बांग्लादेश के साथ संबंध सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे : विदेश मंत्रालय
बांग्लादेश में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत, बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को अत्यंत महत्व देता है और दोनों देशों के रिश्ते सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया था। इसके अलावा वहां नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ने भी हिस्सा लिया था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपने इस पड़ोसी देश के साथ मजबूत और सहयोगपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।
नेपाल के साथ व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्ते भी मजबूत
विदेश मंत्रालय ने नेपाल के साथ भारत के संबंधों पर भी स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि व्यापारिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी गहरे संबंध हैं। नेपाल में नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के नए नेतृत्व से फोन पर बातचीत कर शुभकामनाएं दी थीं।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि नेपाल सरकार की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को नेपाल आने का आधिकारिक निमंत्रण मिला है। हालांकि, उनकी यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है। दोनों देशों के अधिकारी आपसी सहमति और सुविधानुसार जल्द कार्यक्रम तय करेंगे।



