देश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर से लेकर मध्य भारत तक बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटे भारी रहने की चेतावनी दी है।
आईएमडी के मुताबिक, इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
इन राज्यों में ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
कई राज्यों में येलो अलर्ट
इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों—नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां मौसम खराब होने की आशंका के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हालांकि ओडिशा में एक ओर जहां कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ने की चेतावनी है, वहीं अन्य इलाकों में मौसम बदल सकता है।
कई शहरों में दिखा असर
शनिवार शाम मध्य प्रदेश के ग्वालियर में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सागर संभाग में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर और रीवा में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आई है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर और हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।
किसानों पर सबसे ज्यादा असर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। राजस्थान के कई जिलों में फसलें बर्बाद हो गई हैं।
राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने इसे ‘प्राकृतिक आपदा’ बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए हैं और सरकार किसानों के साथ खड़ी है।



