देहरादून/चमोली/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। केदारनाथ में लगातार बर्फबारी जारी है, जबकि यमुनोत्री धाम में दो दिन बाद बर्फबारी थमने पर बुधवार को चटख धूप खिली और धाम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बदरीनाथ से औली तक पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढका हुआ है।
चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में मंगलवार रात से हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, बगजी बुग्याल, ब्रह्मताल और भीकलताल बर्फ से पट गए हैं। खराब मौसम के बीच वेदनी-आली बुग्याल ट्रैक से 26 और भीकलताल-ब्रह्मताल रूट से 23 पर्यटक सुरक्षित बेस कैंप लोहाजंग लौट आए हैं।
वहीं, बलाण गांव सहित हिमालयी क्षेत्रों के वाण, वांक, पिनाऊ, घेस, हिमनी, कुलिंग और दीदना गांवों में ठंड बढ़ गई है। लगातार बर्फबारी और सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
यात्रा से पहले बढ़ी प्रशासन की चिंता
यमुनोत्री धाम क्षेत्र में मंगलवार रात से बर्फबारी और निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर धाम के कपाट खुलने हैं, लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते यात्रा तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि निर्माण और व्यवस्थाओं के कार्यों में बाधा आ रही है। पालीगाड़ से फूलचट्टी के बीच यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
बदरीनाथ-औली में जनवरी जैसी ठंड
चमोली जिले में बुधवार को दिनभर बारिश और बर्फबारी होती रही। बदरीनाथ धाम, औली, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और नीती घाटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई। अप्रैल माह में भी यहां जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।
गंगोत्री-यमुनोत्री में भी बर्फबारी
उत्तरकाशी जिले में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। गंगोत्री धाम, गोमुख और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में लगातार बारिश से ठंड लौट आई है। गंगोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर कीचड़ और दलदल के कारण आवागमन प्रभावित है।
फसलों को भारी नुकसान
रवांई घाटी और टिहरी क्षेत्र में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से गेहूं, मटर और अन्य फसलें सड़ने की कगार पर हैं। वहीं सेब बागानों में फूल झड़ने और रोग लगने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।
तुंगनाथ और सुरकंडा में बर्फबारी
चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र में बर्फबारी से तुंगनाथ मंदिर बर्फ से ढक गया है, जिससे यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। वहीं सुरकंडा देवी मंदिर क्षेत्र में भी बर्फबारी और घाटी में बारिश व ओलावृष्टि से ठंड बढ़ गई है।
विकास कार्य भी प्रभावित
लगातार बारिश और बर्फबारी का असर चारधाम यात्रा से जुड़े विकास कार्यों पर भी पड़ा है। बदरीनाथ हाईवे, नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क और गोपेश्वर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य बाधित हो गए हैं। कई स्थानों पर डामरीकरण और चौड़ीकरण का काम रुक गया है।
कुल मिलाकर, प्रदेश में जारी बेमौसम बारिश और बर्फबारी ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं चारधाम यात्रा की तैयारियों और किसानों की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।



