ऋषिकेश/टिहरी। टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा को जोड़ने वाले निर्माणाधीन बजरंग सेतु के फुटपाथ पर लगा कांच एक बार फिर टूट गया है। फुटपाथ में लगे कांच में कई जगह दरारें आने के बाद सुरक्षा के लिहाज से दोनों किनारों से आवाजाही रोक दी गई है। लगातार तीसरी बार कांच क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग, नरेंद्रनगर की ओर से बजरंग सेतु का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई 132.30 मीटर और चौड़ाई पांच मीटर है। पुल के दोनों ओर करीब डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए गए हैं, जिनमें 65 मिमी मोटाई का पारदर्शी कांच लगाया गया है।
हालांकि, पुल का अभी तक उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते बीते करीब दो महीने से स्थानीय लोगों और देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। पर्यटक कांच वाले फुटपाथ पर चलकर फोटो और सेल्फी भी ले रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी दो बार फुटपाथ का कांच टूट चुका है, जिसे निर्माण कंपनी द्वारा बदला गया था। इसके बावजूद एक बार फिर कांच में दरारें आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले तीन जनवरी 2026 को भी सेल्फी प्वाइंट के पास कांच टूटने की घटना सामने आई थी।
मानक तय नहीं, निगरानी भी नहीं
हैरानी की बात यह है कि कांच के फुटपाथ पर आवाजाही को लेकर अब तक कोई स्पष्ट मानक तय नहीं किए गए हैं। न ही यहां सुरक्षा के लिए किसी कर्मी की तैनाती की गई है, जिससे लोग बेरोकटोक आवाजाही कर रहे हैं।
लक्ष्मणझूला पुल 2022 में हुआ था बंद
गौरतलब है कि 92 साल पुराना लक्ष्मणझूला पुल 16 अप्रैल 2022 को आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के बाद जर्जर हालत के चलते अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था। रिपोर्ट में पुल की तारों को बेहद कमजोर बताया गया था और हादसे की आशंका जताई गई थी।
अधिकारी बोले
इस संबंध में अधिशासी अभियंता, लोनिवि नरेंद्रनगर प्रवीण कर्णवाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।



