महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक बीपीओ यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के प्रयासों का मामला सामने आने के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं हर पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2022 से मार्च 2026 के बीच का बताया जा रहा है। टीसीएस की बीपीओ यूनिट में कार्यरत नौ कर्मचारियों (आठ महिलाएं और एक पुरुष) ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्मांतरण के प्रयासों के आरोप लगाए हैं।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 23 वर्षीय एक महिला कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने एक सहकर्मी पर प्रेमजाल में फंसाकर शोषण करने और अन्य साथियों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। इसके बाद अन्य पीड़ित भी सामने आए और 4 अप्रैल तक कुल नौ एफआईआर दर्ज हो गईं।
क्या हैं मुख्य आरोप?
1. यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना
पीड़ित महिलाओं ने सीनियर कर्मचारियों पर यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ मामलों में दुष्कर्म के आरोप भी शामिल हैं।
2. जबरन धर्मांतरण का दबाव
आरोप है कि कुछ सुपरवाइजर कर्मचारियों पर एक विशेष धर्म अपनाने और उसकी प्रथाओं का पालन करने का दबाव डालते थे।
3. संगठित गिरोह की तरह काम
जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी कर्मचारियों ने एक संगठित नेटवर्क बनाकर कमजोर कर्मचारियों को निशाना बनाया। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए योजनाएं बनाई जाती थीं।
4. एचआर की लापरवाही
पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के एचआर विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और कुछ मामलों में शिकायत दर्ज कराने से भी हतोत्साहित किया।
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
- पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया
- कुल 9 एफआईआर दर्ज
- 8 आरोपी (7 पुरुष, 1 महिला) गिरफ्तार
- 1 महिला आरोपी फरार
- बैंक खातों की जांच, बाहरी फंडिंग की पड़ताल
- एटीएस और अन्य एजेंसियों से संपर्क
टीसीएस ने आरोपियों को निलंबित कर दिया है और आंतरिक जांच शुरू की है।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मामले को गंभीर और चिंताजनक बताया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेकर जांच समिति गठित की है।
टाइमलाइन: कब क्या हुआ?
4 अप्रैल 2026 तक
- 9 कर्मचारियों की शिकायतें
- 9 एफआईआर दर्ज, SIT गठन
- 8 गिरफ्तार, 1 फरार
12 अप्रैल
- टीसीएस ने आरोपियों को निलंबित किया
13 अप्रैल
- आंतरिक जांच की घोषणा
- कोर्ट ने महिला आरोपी की पुलिस हिरासत बढ़ाई
14 अप्रैल
- बैंक खातों की जांच शुरू
15 अप्रैल
- राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच समिति गठित
- मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजी गई
16 अप्रैल
- सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
- संगठित गिरोह की बात सामने आई
17 अप्रैल
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का सख्त कार्रवाई का आश्वासन
- फरार आरोपी की तलाश तेज
18 अप्रैल
- महिला आयोग की टीम का नासिक दौरा प्रस्तावित
आगे क्या?
मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। पुलिस जहां आपराधिक साजिश और नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, वहीं कंपनी और आयोग अपने-अपने स्तर पर जांच में जुटे हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।



