अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और “जय मां गंगा-यमुना” के जयघोष के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। तय मुहूर्त के अनुसार दोपहर 12:15 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान “हर-हर गंगे” के उद्घोष से पूरा धाम गूंज उठा। विशेष आकर्षण के रूप में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस दिव्य अवसर पर मौजूद रहे और विधिवत पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
इससे पहले रविवार तड़के मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। प्रस्थान से पूर्व भैरव घाटी में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई। मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, गंगा पूजन, गंगा सहस्रनाम पाठ और वैदिक विधि-विधान के साथ कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
यात्रा के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे और मां गंगा के दर्शन कर पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ अर्जित किया।
चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड में आस्था और उत्साह का माहौल चरम पर है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।



