संविदा नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी पत्रावली नहीं मिली, जानबूझकर गायब करने की आशंका
देहरादून के आईटी पार्क स्थित सिडकुल मुख्यालय से वर्ष 2004 की संविदा भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आधिकारिक फाइल गायब हो गई है। मामले में सिडकुल मुख्यालय में प्रबंधक (एचआर) के पद पर तैनात करन सिंह नेगी की शिकायत पर राजपुर रोड थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, आठ मई 2026 को कार्यालय की टीम ने वर्ष 2004 में आयोजित सहायक प्रबंधक/प्रबंधक लेखा और सहायक प्रबंधक (एचआर) पदों की संविदा नियुक्ति एवं भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पत्रावली की तलाश की थी। काफी खोजबीन के बावजूद फाइल अभिलेखों में नहीं मिली।
शिकायत में आशंका जताई गई है कि संबंधित पत्रावली को किसी व्यक्ति ने जानबूझकर नष्ट कर दिया या फिर गायब कर दिया। करन सिंह नेगी ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
विवादों में रही हैं सिडकुल की भर्तियां
उत्तराखंड स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सिडकुल) की भर्तियां और श्रमिक नियुक्तियां पहले भी विवादों में रही हैं। समय-समय पर सरकारी पदों पर बैकरूम एंट्री, नियमों की अनदेखी और स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलने जैसे आरोप सामने आते रहे हैं।
साल 2016 में सिडकुल पंतनगर में 40 से 45 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। इस भर्ती में नियमों को दरकिनार कर चहेतों को बैकरूम एंट्री देने के आरोप लगे थे। मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को एसआईटी जांच पूरी कराने के निर्देश दिए थे।
सिडकुल की स्थापना के समय उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को देने की नीति बनाई गई थी। हालांकि स्थानीय संगठनों और युवाओं का आरोप है कि कंपनियां इस नियम का पालन नहीं कर रही हैं।



