रुद्रपुर में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का आंदोलन शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। 27 सूत्रीय मांगों को लेकर इंजीनियरों ने कार्य बहिष्कार के साथ सिंचाई विभाग परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना सभा में महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार सनवाल ने कहा कि वर्षों से मांगें उठाई जा रही हैं, लेकिन सरकार अब तक ठोस कदम नहीं उठा सकी है। हड़ताल लंबी खिंचने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे में सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
जिला सचिव हरपाल सिंह ने बताया कि वेतन विसंगति दूर करने, 10 वर्ष की सेवा पर एसीपी/एमएसीपी का लाभ देने, पुरानी पेंशन बहाल करने, पदोन्नति के अवसर बढ़ाने और कनिष्ठ अभियंताओं के ग्रेड पे में सुधार जैसी मांगों की लगातार अनदेखी हो रही है। इसके अलावा 1 जनवरी 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को 10 वर्ष की सेवा पूरी होने पर लेवल-10 वेतनमान देने, विभागों के पुनर्गठन, तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने और फील्ड स्टाफ की नियुक्ति की भी मांग की गई।
महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि सभी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अगले चरण में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और परिवार के सदस्यों को भी आंदोलन में शामिल किया जाएगा।



