पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और 48 दिनों की अनिश्चितता के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बहाल करने की घोषणा की है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि लेबनान में लागू सीजफायर समझौते के अनुरूप जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर अवधि के शेष समय तक सभी व्यापारिक जहाजों को पूर्व निर्धारित समन्वित मार्ग के तहत गुजरने की अनुमति रहेगी। यह मार्ग ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा तय किया गया है।
इस फैसले पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए ईरान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य का खुलना वैश्विक व्यापार के लिए सकारात्मक संकेत है।
होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है, जहां से तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और शिपिंग उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
हालांकि, तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदरगाहों से निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हालिया नाकाबंदी के बाद अब तक कोई जहाज पार नहीं कर पाया है।
वहीं, अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने से जुड़े प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव के विरोध में 214 और समर्थन में 213 वोट पड़े। इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए समर्थन मिल गया है।



