देहरादून से गाजियाबाद जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान लापता हुई नवविवाहिता का कई दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले में पुलिस ने पहले दर्ज गुमशुदगी को अब अपहरण की धाराओं में बदल दिया है। वहीं, लक्सर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे बंद मिलने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मनीष अग्रहरी अपनी पत्नी प्रज्ञा सिंह के साथ केदारनाथ दर्शन के बाद पांच मई को नंदा देवी एक्सप्रेस से देहरादून से गाजियाबाद लौट रहे थे। मनीष के अनुसार रात करीब साढ़े दस बजे दोनों ट्रेन में सवार हुए थे। हरिद्वार तक दोनों की बातचीत होती रही, लेकिन इसके बाद उनकी आंख लग गई। रुड़की पहुंचने पर जब उनकी नींद खुली तो पत्नी सीट से गायब थी। उन्होंने पूरे कोच में तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
परिजनों के साथ लक्सर पहुंचे मनीष ने महिला की अंतिम लोकेशन बहादरपुर रेलवे बाईपास के पास मिलने पर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि स्टेशन के अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं। इससे नाराज परिजनों ने रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया और रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू की। उपनिरीक्षक अतुल चौहान ने बाईपास मार्ग के कैमरों की फुटेज की जांच कराई, जिसमें सामने आया कि उस स्थान पर ट्रेन रुकी ही नहीं थी। इसके बाद लक्सर कोतवाली पुलिस ने महिला की गुमशुदगी दर्ज कर ऐथल से डोसनी तक रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
काफी तलाश के बाद भी जब महिला का कोई पता नहीं चला तो पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। बाजार चौकी प्रभारी विपिन कुमार की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि महिला की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। रेलवे ट्रैक के साथ-साथ लक्सर-रुड़की हाईवे पर भी सुराग तलाशे जा रहे हैं।
लक्सर स्टेशन के 40 से अधिक सीसीटीवी बंद
घटना के बाद लक्सर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया में लगे 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। चारधाम यात्रा के दौरान भारी संख्या में यात्रियों की आवाजाही के बावजूद कैमरों का बंद होना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कैमरे चालू होने पर चोरी, जहरखुरानी और अन्य आपराधिक घटनाओं की जांच में मदद मिल सकती थी। स्टेशन अधीक्षक केआर मीणा ने बताया कि नए कैमरे लगाए गए हैं और उपकरणों को दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया जा रहा है। डीवीआर रिकॉर्डिंग और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण फिलहाल सिस्टम पूरी तरह चालू नहीं हो पाया है।



