देहरादून। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सोना न खरीदने की अपील और सोने पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदेशभर के सराफा कारोबारी बृहस्पतिवार को सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल ने बुधवार को इसकी घोषणा की। राजधानी देहरादून में भी सराफा मंडल की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश महासचिव गुरजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की आभूषणों की खरीदारी न करने की अपील का नकारात्मक असर स्वर्ण कारोबारियों और कारीगरों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस बयान से सराफा कारोबार आर्थिक नुकसान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सोना भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है तथा त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ और धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जाता है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के सभी सराफा कारोबारी अपने-अपने क्षेत्रों में मोमबत्ती जलाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। सराफा मंडल देहरादून के अध्यक्ष सुनील मैंसोन ने बताया कि देहरादून में शाम सात बजे धामावाला स्थित सराफा बाजार में कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया जाएगा।
सोना 10 हजार रुपये महंगा, कारोबारियों की बढ़ी चिंता
बुधवार को सोने की कीमतों में एक ही दिन में करीब 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार, सोने पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद बाजार में तेजी आई है।
सराफा मंडल दून के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव बुधवार को बढ़कर 1.66 लाख 500 रुपये तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह करीब 1.55 लाख रुपये था। कारोबारियों का कहना है कि अचानक बढ़ी कीमतों से ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और खरीदारी प्रभावित हो सकती है।
सुनील मैंसोन ने कहा कि आयात शुल्क में वृद्धि के कारण सोने की कीमतों में अचानक उछाल आया है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में सोने के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है।



