पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने मंगलवार रात कैलिफोर्निया तट से अपनी ‘डूम्सडे’ बैलिस्टिक मिसाइल मिनटमैन-III का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से करीब 20 गुना अधिक शक्तिशाली परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखती है।
अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार मिसाइल को कैलिफोर्निया के सांता बारबरा के पास स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात करीब 11 बजे लॉन्च किया गया। ‘जीटी-254’ नाम के इस रॉकेट को बिना किसी हथियार के परीक्षण के लिए छोड़ा गया था। मिसाइल ने प्रशांत महासागर में मार्शल आइलैंड्स के पास अपने निर्धारित लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा।
एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बताया कि परीक्षण का उद्देश्य मिसाइल की सटीकता और उसकी संचालन क्षमता का आकलन करना था। 576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस परीक्षण से मिसाइल सिस्टम के विभिन्न हिस्सों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि इस तरह के परीक्षण देश की परमाणु क्षमता के जमीनी हिस्से को मजबूत और तैयार बनाए रखने के लिए किए जाते हैं।
गौरतलब है कि यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में जंग की स्थिति बन गई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले और तेज करने की चेतावनी देते हुए बड़े हमले की बात कही है।
हालांकि एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने स्पष्ट किया कि मंगलवार को किया गया यह मिसाइल परीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था और इसकी योजना कई वर्ष पहले ही बनाई जा चुकी थी।



