कुंभ से पहले धर्मनगरी में अव्यवस्था पर संतों और संगठनों में रोष, कार्रवाई की मांग
हरिद्वार। कुंभ पर्व नजदीक आते ही धर्मनगरी हरिद्वार में धार्मिक व्यवस्थाओं और नियमों की अनदेखी के मामले सामने आने लगे हैं। शुक्रवार को हरकी पैड़ी घाट के पास एक महिला द्वारा अपने पालतू कुत्ते को गंगा में नहलाने और गंग नहर के एक हिस्से में युवकों द्वारा डंडों से मछलियां मारने की घटनाओं ने संत समाज और धार्मिक संगठनों में नाराजगी पैदा कर दी है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा और दिल्ली से आई कुछ महिलाएं खुद स्नान करने से पहले अपने पालतू कुत्ते को गंगा में नहलाने लगीं। इस दौरान वहां मौजूद व्यवस्थापकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो महिला की उनसे कहासुनी हो गई। विरोध के बावजूद महिला ने कुत्ते को गंगा में नहलाया और चेतावनी भरे अंदाज में वहां से चली गई। यह घटना हरकी पैड़ी घाट के पास हुई, लेकिन मौके पर किसी जिम्मेदार अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया।
वहीं, गंग नहर के उस हिस्से में जहां निर्माण कार्य चल रहा है, दर्जनों युवक हाथों में डंडे लेकर मछलियां मारते दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवकों ने हल्की धारा में खुलेआम मछलियां पकड़ीं। लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने डांटकर भगा दिया।
इन घटनाओं को लेकर कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि हरिद्वार एक पवित्र धर्मनगरी है, जहां गंगा घाटों और नहरों की विशेष धार्मिक महत्ता है। ऐसे में कुत्ते को गंगा में नहलाना और मछलियों को मारना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन से पहले इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। यदि प्रशासन ने शीघ्र सख्त कार्रवाई नहीं की तो कुंभ के दौरान इन मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।



