पश्चिम बंगाल के प्रभारी रहे लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राज्य में भाजपा की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि जिन बूथों पर पहले कार्यकर्ताओं को बैठने तक नहीं दिया जाता था, वहां भी इस बार जनता ने भाजपा का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से भय के माहौल में चुनाव होते रहे, लेकिन इस बार मतदाताओं ने निर्भीक होकर मतदान किया।
विजयवर्गीय ने बताया कि बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए काम करना बेहद कठिन रहा है। पिछले चुनाव के दौरान करीब 300 कार्यकर्ताओं की हत्या की गई और कई के घरों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को समर्पित है।
इस दौरान विजयवर्गीय ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा भी साझा की। उन्होंने कहा कि बंगाल में उन्हें निशाना बनाया गया और उन पर बलात्कार जैसे गंभीर व झूठे आरोप लगाए गए, ताकि उनका मनोबल तोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि बीते छह वर्षों से वे मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उनकी आंखों में आए आंसू कमजोरी नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ उनकी पीड़ा का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकास हुआ है, जिसका असर बंगाल में भी देखने को मिला। यह जीत विकास की गति को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमित शाह की रणनीति भी इस जीत में अहम रही। अब बंगाल भ्रष्टाचार से मुक्त होकर ‘सोनार बांग्ला’ के रूप में विकसित होगा।



