अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों के सातवें दिन सैन्य कार्रवाई और तेज हो गई है। यह संघर्ष अब ऐसे आक्रामक और विनाशकारी चरण में पहुंच गया है, जहां सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इलाकों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। ईरान के कई बड़े शहरों में लगातार हवाई हमले हो रहे हैं और मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
तेहरान समेत कई शहरों में भीषण बमबारी
ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में हवाई हमलों की नई लहर शुरू हो गई है। तेहरान विश्वविद्यालय के आसपास और कई आवासीय इलाकों में रातभर बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बमबारी पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज रही।
इसके अलावा शिराज, इस्फ़हान और करमनशाह में भी कई बड़े विस्फोटों की खबरें हैं। शिराज के जीबाशहर इलाके में हुए एक बड़े हमले में 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 अन्य घायल हो गए।
मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी और इजराइली हमले
गठबंधन सेनाओं ने अब ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों का दायरा बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान के भीतर गहराई में मौजूद बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स को नष्ट करने के लिए दर्जनों 2000 पाउंड के पेनिट्रेटर बम गिराए हैं।
अमेरिका ने ईरान की स्पेस कमांड से जुड़े ठिकानों पर भी सटीक हमले किए हैं ताकि उसकी सैन्य क्षमता कमजोर की जा सके। वहीं, इजराइल की वायु सेना ने छह मिसाइल लॉन्चर्स और तीन उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट करने का दावा किया है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में बमबारी और बढ़ सकती है। इसके लिए अधिक फाइटर स्क्वाड्रन और बॉम्बर विमानों को तैनात किया जाएगा।
मानवीय संकट गहराया, हजार से ज्यादा मौतें
ईरान में इस युद्ध के कारण भारी जनहानि हुई है। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक अब तक 1332 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 181 बच्चे शामिल हैं।
यूनिसेफ के अनुसार युद्ध के पहले दिन मीनाब में एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में 175 बच्चों की जान चली गई थी। पूरे देश में अब तक 3643 नागरिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 3090 घर, 528 व्यावसायिक केंद्र और 14 चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।
दूसरी ओर, इजराइल में अब तक 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1600 से अधिक लोगों का अस्पतालों में इलाज किया गया है।
बहरीन ने गिराए ईरानी मिसाइल और ड्रोन
इस युद्ध का असर अब क्षेत्र के अन्य देशों में भी दिखने लगा है। बहरीन के रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने क्षेत्र की ओर आने वाले 78 ईरानी मिसाइलों और 143 ड्रोन को मार गिराया है। बहरीन ने इसे ईरान की ओर से किया गया हमला बताया है।
जमीनी सेना भेजने से अमेरिका का इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ईरान में जमीनी सेना भेजने की संभावना से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह समय की बर्बादी होगी क्योंकि ईरान अपनी नौसेना सहित बहुत कुछ खो चुका है।
वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि वह आने वाले दिनों में हमलों का दायरा और बढ़ाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो यह वाशिंगटन के लिए बड़ी आपदा साबित होगा।
स्कूल पर हमले को लेकर जांच
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मीनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले के लिए संभवतः अमेरिकी बल जिम्मेदार हो सकते हैं। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो यह मध्य पूर्व के युद्धों में नागरिकों की मौत का सबसे गंभीर मामला माना जा सकता है और इसे युद्ध अपराध के तौर पर देखा जाएगा।



