रुद्रपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत ने किच्छा स्थित इंटरआर्क कंपनी प्रकरण में फैसला सुनाते हुए श्रीकांत राठौर और विवेक कुमार फुटेला को जानबूझकर अपमान करने के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी किया।
मामला वर्ष 2018 का है। अभियोजन के अनुसार 27 अक्तूबर 2018 को दोपहर करीब 12:40 बजे श्रीकांत राठौर अपने चार साथियों के साथ कंपनी गेट में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। सिक्योरिटी सुपरवाइजर टीके सिंह द्वारा रोकने पर आरोपियों ने गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही मजदूर संगठन के कर्मचारियों को उकसाते हुए कंपनी प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी कराई गई।
घटना के संबंध में 29 अक्तूबर 2018 को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।



